Payar me dhokha Ab kya Hoga | इश्क Pyar और मोहबात वह तीन शब्द जिसे समझने के लिए आदमी सदियों से चला आ रहा है Pyar kya hai ?



इश्क  Pyar और मोहबात वह   तीन  शब्द  जिसे   समझने   के लिए आदमी सदियों  से चला रहा है  Pyar kya hai ?  यह कोई नहीं जनता जिसने सूरज को उगना देखा  उसके लिए सूरज का  उगना ही Pyar है  और जिसने शाम के वक्त सूरज को डूबते  हुए देखा उसके लिए सूरज को डूबना ही Pyar है  ,लेकिन वास्तव  में Pyar क्या है यह कोई नहीं जनता सब जानते है की Pyar एक एहसास है | हीर ने रांझे से Pyar किया और लैला ने मजनू से  प्यार  किया  Pyar क्या है ही लैला जान सकी और ही मजनू जान सका कि प्यार क्या हैं बस जान सके तो यह कि Pyar एक एहसास हैं    Pyar करना आसान है उसे निभाना  भी आसान है लेकिन कदम -कदम पर साथ चलना मुसकिल हो  जाता है यह कोई नहीं बता सकता जिससे हम मोहबत करते है ओह हमारा साथ जन्मो -जन्मो तक देगी की नहीं  |
जिनदगी कितनी हसीं हैं किसी को होने और ना होने का हमेशा एहसास दिलाता हैं | हवाओ कि तरह हवा दिखते  हुए भी अपनी ठंढे  पन का एहसास दिलाता हैं , जैसे कि फूल खुसबू बिखेरता हैं वैसे ही प्यार खुसिया बिखेरता  हैं | ना जाने क्यों लोग मोहब्बत कर बैठते हैं यह कोई नहीं जनता | कहते हैं लोग जिंदगी में प्यार का होना जरुरी हैं  |




पहले मैं यह सोचता था कि जिंदगी में प्यार सिर्फ एक बार होती है| पहले Mai yah नहीं जनता था कि प्यार बार बार हो सकता है | मुझे फिर से किसी से प्यार हो गया जाने क्यों Mai उनका साथ जिंदगी भर देना चाहा लेकिन सायद हमारी किसमत को यह मंजूर नहीं Tha | मुझे उनके साथ रहना | समय बिताता गया वक्त गुजरता गया और मुझे फिर से Paya हो गया | मैं कैसे Yakin दिलाऊ  उनहे कि मैं उनसे  Mai कीतना Pyar करता हूँ | सायद वह मेरे प्यार को समझ ही नहीं पाई और ही इस जिंदगी में ओह मेरे प्यार को समझ सकती हैं | मैंने Jisase भी प्यार किया सायद Oh  प्यार एक एहसास बन के ही रह जायेगा | या मैं यु कहु कि अब मेरे में इतनी ताकत भी नहीं रह गई हैं कि अब मैं किसी से प्यार करू | क्यों कि अब मुझे किसी कि लड़की के प्यार में विश्वास ही नहीं रहा जाने क्यों अब मुझे प्यार से विस्वास ख़त्म हो गया हैं | जिसे मैंने जिंदगी भर साथ देना चाहा Janam Janam तक हाथ पाकर के निभाना चाहा आज ओह हाथ छूट गया हैं | अब मुझे उनका प्यार बस एक धोखा लगता हैं | मैंने जिससे भी मोहबत्त
कि मैंने उनहे धोखा देना चाहा और ही धोखा देने कि इच्छा हुए बस जिंदगी भर मुझे साथ चलने का इच्छा था | लेकिन सायद कुदरत को यह मंजूर नहीं था | मैंने उनहे हर कदम पर साथ दिया जब वह रोटी थी तो उनके आखो से Aasu पोछता था लेकिन सायद अब नहीं  क्यों कि अब मुझे अपने प्यार में भिसावास ही नहीं रहा ना जाने क्यों अब Mujhe लगता हैं | जिन्दगी कितनी अजीब हैं ना जिसे प्यार नहीं मिलता वह प्यार कि तलाश में धूमता रहता हैं और जिसे प्यार मिलता हैं वह ठोकर मर कर चला जाता हैं


सच ही कहते हैं प्यार किसमत वाले को ही मिलती हैं और मेरी इतनी अच्छी किसमत काया कि कोई लड़की मुझे सच्चे दिल से प्यार करे | अब ना जाने क्यों अब मुझे प्यार पर बिसवास नई नहीं होता.......

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